मेदांता लखनऊ ने पूरे किए 100 सफल लिवर प्रत्यारोपण

लखनऊ। मेदांता हॉस्पिटल लखनऊ ने हाल ही में अपना 100वां सफल लिवर प्रत्यारोपण पूरा कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह मध्य एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश में किसी एक अस्पताल द्वारा किए गए लिवर प्रत्यारोपणों की सबसे अधिक संख्या है। मेदांता के चेयरमैन एवं मुख्य लिवर प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. ए.एस सोइन ने कहा यह उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि राज्य के मरीजों के लिए भी बड़ी राहत है। अब गंभीर लिवर रोगों के इलाज के लिए मरीजों को दूसरे राज्यों में जाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि विश्वस्तरीय लिवर प्रत्यारोपण सुविधाएं अब मेदांता लखनऊ में उपलब्ध हैं। मेदांता लखनऊ में 3 वर्ष के बच्चे से लेकर 66 वर्ष तक के मरीजों का सफल लिवर प्रत्यारोपण किया गया है, जो इस क्षेत्र में सबसे कम और सबसे अधिक आयु के मरीजों के सफल प्रत्यारोपण का रिकॉर्ड भी है। अस्पताल लिवर प्रत्यारोपण के क्षेत्र में कई नवीन तकनीकों को अपनाने के लिए भी जाना जाता है। डॉ. प्रशांत भंगुई सीनियर डायरेक्टर लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी ने बताया कि सबसे अधिक मरीज लखनऊ (30) से थे, इसके बाद गोरखपुर (16) तथा वाराणसी प्रयागराज अयोध्या कानपुर उन्नाव मथुरा सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से मरीजों का सफल प्रत्यारोपण किया गया। मेदांता लखनऊ ने यमन के एक मरीज का भी सफल लिवर प्रत्यारोपण कर क्षेत्र का पहला अंतरराष्ट्रीय लिवर प्रत्यारोपण करने का गौरव प्राप्त किया है, जिससे उत्तर प्रदेश में मेडिकल टूरिज्म को नई दिशा मिलेगी। डॉ. अभय वर्मा निदेशक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने बताया लिवर प्रत्यारोपण लिवर कैंसर और हेपेटाइटिस-बी एवं सी से पीड़ित मरीजों में भी सफलतापूर्वक किया गया है। उन्नत लिवर कैंसर के कई मामलों में लिवर प्रत्यारोपण ही एकमात्र प्रभावी उपचार होता है। मेदांता लखनऊ में ट्रांस आर्टेरियल रेडियो एम्बोलाइजेशन ट्रांस आर्टेरियल कीमो एम्बोलाइजेशन पीईटी-सीटी एक्सटर्नल बीम रेडियोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिनसे जटिल लिवर कैंसर का भी प्रभावी उपचार संभव है। उन्होंने बताया लगभग 14 प्रतिशत मरीज तीव्र लिवर फेल्योर से पीड़ित थे, जो मुख्य रूप से बच्चों और युवाओं में देखा जाता है तथा ऐसे मामलों में समय पर लिवर प्रत्यारोपण जीवनरक्षक सिद्ध होता है। डॉ. कमल यादव सीनियर कंसल्टेंट लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी ने बताया मेदांता लखनऊ में अब रोबोटिक तकनीक से डोनर सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 17 से अधिक रोबोटिक सर्जरी सफलतापूर्वक की जा चुकी हैं। रोबोटिक सर्जरी से कम दर्द, छोटे चीरे और शीघ्र रिकवरी के साथ बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम मिलते हैं। डॉ. विवेक गुप्ता सीनियर कंसल्टेंट एवं लिवर ट्रांसप्लांट सर्जन ने बताया 26 प्रतिशत मरीजों में अत्यधिक शराब का सेवन लिवर खराब होने का प्रमुख कारण था, जबकि 24 प्रतिशत मरीज फैटी लिवर (एमएएसएलडी) और उससे जुड़ी जटिलताओं से प्रभावित थे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2050 तक फैटी लिवर और डायबिटीज लिवर रोगों के सबसे बड़े कारण बन सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम, मधुमेह एवं कोलेस्ट्रॉल का उचित नियंत्रण लिवर को गंभीर क्षति से बचा सकता है। डॉ. दुर्गा प्रसाद, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी ने बताया कि तीव्र लिवर फेल्योर के मरीजों को कई बार कुछ ही घंटों के भीतर प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, अन्यथा उनकी जान बचाना मुश्किल हो सकता है। ऐसे मरीज अत्यंत गंभीर स्थिति में होते हैं और अक्सर वेंटिलेटर या कोमा में रहते हैं। मेदांता लखनऊ ने इस क्षेत्र में तीव्र लिवर फेल्योर के सबसे अधिक सफल प्रत्यारोपण किए हैं। इस अवसर पर मेदांता ने उन सभी लिवर डोनर्स का भी आभार व्यक्त किया जिन्होंने अपने प्रियजनों का जीवन बचाने के लिए आगे आकर अंगदान किया। अधिकांश मामलों (42 प्रतिशत) में जीवनसाथी (पति/पत्नी) ने लिवर दान किया। इसके बाद 22 प्रतिशत मामलों में बेटे-बेटियों, 14 प्रतिशत में भाई-बहनों, तथा 10 प्रतिशत मामलों में माताओं ने अपने बच्चों को लिवर दान किया। अन्य मामलों में चचेरे भाई-बहन, भतीजे-भतीजियां तथा अन्य रिश्तेदार भी डोनर बने। medanta Hospital Lucknoe

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