कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहे स्ट्रोक के मामले: डा अभिषेक
लखनऊ। वर्ल्ड ब्रेन डे पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लखनऊ ने लोगों से ब्रेन हेल्थ के प्रति अधिक जागरूक रहने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि बदलती लाइफस्टाइल लंबे समय से अनियंत्रित बीमारियां और इलाज में देरी के कारण अब न्यूरोलॉजिकल बीमारियां कम उम्र के लोगों को भी तेजी से प्रभावित कर रही हैं। गत ५ वर्षों में न्यूरोलॉजिकल बीमारियों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की है। लोगों में जागरूकता बढ़ने और बेहतर डायग्नोस्टिक सुविधाएं उपलब्ध होने से इन बीमारियों की पहचान पहले की तुलना में अधिक हो रही है। तनाव पर्याप्त नींद न लेना डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर और बढ़ती उम्र जैसे कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हैं। कोविड के बाद के समय में नसों से जुड़ी बीमारियों और कम उम्र के लोगों में स्ट्रोक के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। मैक्स लखनऊ में न्यूरोलॉजी के सीनियर डायरेक्टर डॉ. अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा स्ट्रोक और कई न्यूरोलॉजिकल बीमारियां अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई हैं। हमारे पास 30 और 40 वर्ष की आयु के मरीज भी स्ट्रोक नसों से जुड़ी बीमारियों और अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के साथ बड़ी संख्या में आ रहे हैं। समय पर इलाज करके 70 से 80 प्रतिशत स्ट्रोक के मामलों को रोका जा सकता है। यूपी की स्थिति पर डॉ. अभिषेक ने कहा बेहतर नतीजों में सबसे बड़ी रुकावट समय पर इलाज की व्यवस्था न हो पाना है। ग्रामीण क्षेत्रों के कई मरीज स्ट्रोक के शुरुआती संकेत जैसे अचानक शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आना बोलने में परेशानी होना चेहरे का एक तरफ झुक जाना या तेज सिरदर्द को पहचान नहीं पाते और इलाज की महत्वपूर्ण समय सीमा निकल जाने के बाद अस्पताल पहुंचते हैं।
स्ट्रोक के दौरान हर मिनट बेहद महत्वपूर्ण होता है। अभी भी लोगों में एफएएसटी (FAST) सिद्धांत यानी चेहरा टेढ़ा होना, हाथ में कमजोरी आना, बोलने में दिक्कत होना और समय रहते अस्पताल पहुंचना, के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं है। इन लक्षणों की समय रहते पहचान कर तुरंत इलाज शुरू कराने से जान बचाई जा सकती है और स्थायी दिव्यांगता से भी बचाव संभव है। डॉ. श्रीवास्तव ने सलाह दी कि जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर डायबिटीज हृदय रोग है या जिनके परिवार में पहले किसी को स्ट्रोक हो चुका है, उन्हें नियमित हेल्थ चेकअप के साथ न्यूरोलॉजिकल स्क्रीनिंग भी करानी चाहिए। अब 30 से 50 वर्ष की आयु के लोगों में ब्रेन हेल्थ के प्रति विशेष जागरूकता की जरूरत है, क्योंकि लाइफस्टाइल से जुड़ी न्यूरोलॉजिकल बीमारियां तेजी से इस आयु वर्ग को प्रभावित कर रही हैं। वर्ल्ड ब्रेन डे के अवसर पर मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लखनऊ ने लोगों से ब्रेन हेल्थ को प्राथमिकता देने, स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाने और किसी भी तरह के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की। max hospital lucknow Dr Abhishek Srivastava

Comments
Post a Comment