दादा भी, सुपरहीरो भी.. बच्चों की कल्पनाओं को नई उड़ान देने आ रही फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो'

प्रमोशन के सिलसिले में लखनऊ पहुँचे जैकी श्रॉफ और तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी
लखनऊ: बच्चे अब मॉडर्न हो चुके हैं। ऐसे में, उनकी दुनिया सिर्फ किताबों और कार्टून देखने तक सीमित नहीं रह गई है। वे अपने आसपास के लोगों में भी सुपरहीरो ढूँढ लेते हैं.. कभी अपने पापा में, तो कभी अपने दादा में। इसी मासूम सोच, परिवार के प्यार और बच्चों की कल्पनाओं को बड़े पर्दे पर लेकर आ रही है फिल्म 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो'। फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में जैकी श्रॉफ और तीन बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक मनीष सैनी लखनऊ पहुँचे, जहाँ उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए फिल्म से जुड़े कई दिलचस्प अनुभव साझा किए।बच्चों के साथ अपने जुड़ाव को लेकर दिग्गज कलाकार जैकी श्रॉफ ने कहा, "मैं बच्चों के साथ हमेशा बच्चा बनकर रहता हूँ। मुझे सारे बच्चे मेरे बेटे टाइगर की तरह ही लगते हैं, इसलिए स्वाभाविक रूप से मेरा प्यार उनके लिए बेहद खास हो जाता है और मैं खुद भी उनके सामने बच्चा बन जाता हूँ। परिवारों को छोटी-छोटी बातों को समझना बहुत जरूरी है। उन्हें अपने बच्चों को यह बताने की जरूरत है कि खेलो-कूदो, लेकिन एक लिमिट में। यह समझना जरूरी है कि हर एक विषय में लक्ष्मण रेखा ही दायरा तय करती है। एकल परिवारों पर बात करते हुए उन्होंने कहा परिवारों को चाहिए कि एकल परिवारों को बढ़ावा देने के बजाए अपने माता-पिता को साथ लेकर चलें। यदि किसी काम के चलते घर से दूर रहना पड़े तो उन्हें भी शरीर की तरह अपने साथ लेकर चलना चाहिए। वहीं निर्देशक मनीष सैनी ने फिल्म पर विस्तार से बात करते हुए कहा यह फिल्म एक ऐसे किरदार की कहानी को बयाँ करती है, जो खुद कहानियों में जीता है। जब मैं पहली बार जैकी सर को उनके घर पर फिल्म की कहानी सुना रहा था, तब एक समय ऐसा आया, जब मैंने किरदार का नाम लेना बंद कर दिया। उसकी जगह मैं यह कहने लगा कि आप जहाँ-जहाँ जाते हो, पीछे-पीछे सारे बच्चे आ जाते हैं। कुल मिलाकर मेरी कल्पना में जैकी सर ही इस किरदार के रूप में दिखाई दे रहे थे। जैकी दादा के भीतर एक बच्चा है, जो इस किरदार पर पूरी तरह फिट बैठता है। वह एक दादा भी हैं और एक सुपरहीरो भी। हर बच्चा अपने मन में अपने पिता या दादा को सुपरहीरो मानकर कल्पना करता है। ऐसे में, दादा को इस किरदार में ढालने के लिए अलग से ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। उनका टोन इस भूमिका के लिए बिल्कुल सही था। मनीष सैनी ने आगे कहा, "जैकी दादा की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे हमेशा कहते हैं कि मैं एक्टर नहीं हूँ, मैं नॉन-एक्टर हूँ। लेकिन जब भी मैं फिल्म के एडिट देखता हूँ, तो खुद हैरान रह जाता हूँ कि कितनी ऐसी-ऐसी चीजें उन्होंने पर्दे पर उतार दीं, जिनके बारे में मैंने सोचा तक नहीं था। एक दादा और सुपरहीरो के रूप में उन्होंने किरदार को बेहद खूबसूरती से जिया है। हाल ही में रिलीज़ हुए फिल्म के ट्रेलर पर दर्शक और फैंस बेशुमार प्यार लूटा रहे हैं। विशेष रूप से बच्चों को यह फिल्म खूब लुभाएगी। ज़ी स्टूडियोज़ और आमदावाद फिल्म्स के बैनर तले बनी 'द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो' का निर्देशन और लेखन दोनों मनीष सैनी ने किया है। जबकि उमेश कुमार बंसल और मनीष सैनी ने इसे प्रोड्यूस किया है। आकाश जेएच शाह, रेडिता टंडन और अमृता परांडे को-प्रोड्यूसर हैं। यह फिल्म 29 मई, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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