डिग्री नहीं भविष्य चुने नये फ्यूचरिस्टिक कोर्सेस संग जैन विवि में: रवि भूषण
लखनऊ। डिग्री नहीं भविष्य चुने नये फ्यूचरिस्टिक कोर्सेस संग जैन विश्वविद्यालय में यह जानकारी देते हुए रविवार को आयोजित कार्यक्रम लखनऊ में जैन विश्वविद्यालय के Ravi Bhusan Uttar Pradesh State Head ने कहा कि जैन विश्व विद्यालय से जुड़े अनेक कॉलेजों में पारंपरिक पढ़ाई के साथ एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों, व्यक्तित्व विकास और व्यावहारिक ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वर्तमान दौर में शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की ओर तेजी से बदलाव हो रहा है, ऐसे में छात्रों को नई तकनीकों और वैश्विक स्तर पर हो रहे परिवर्तनों की जानकारी देना आवश्यक हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए कॉलेजों में एआई और अन्य आधुनिक विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि यह भी स्वीकार किया कि कुछ कॉलेजों में अभी भी 60 से 70 प्रतिशत तक पढ़ाई का स्तर अपेक्षित मानकों तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसके बावजूद संस्थान समय के साथ खुद को ढालते हुए सुधार की दिशा में लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा जैन यूनिवर्सिटी का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है जो भविष्य में बेहतर कॉरपोरेट संस्कृति का निर्माण कर सकें। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रवि ने बताया उनके यहां लोअर मिडिल क्लास, मिडिल क्लास और अपर क्लास सभी वर्गों के छात्रों को ध्यान में रखकर शिक्षा व्यवस्था तैयार की गई है, ताकि हर बच्चे को समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल सके।
रवि भूषण ने बताया उनके यहां लोअर मिडिल क्लास, मिडिल क्लास और अपर क्लास—सभी वर्गों के छात्रों को ध्यान में रखकर शिक्षा व्यवस्था तैयार की गई है, ताकि हर बच्चे को समान रूप से आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। कक्षाओं में विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले छात्र एक साथ पढ़ते हैं, जिससे न केवल शैक्षणिक बल्कि सामाजिक विकास भी संभव हो पाता है। इसके साथ ही ऐसे छात्रों पर विशेष ध्यान दिया जाता है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं लेकिन पढ़ाई में प्रतिभाशाली हैं। Ujjwal Narayan - Assistant Manager ने बताया कि मेधावी छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके तहत ‘जेन टेस्ट’ आयोजित किया जाता है, जिसमें छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। इस परीक्षा के माध्यम से चयनित छात्रों को संस्थान द्वारा छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है, जिससे उनकी पढ़ाई में आर्थिक बाधाएं न आएं।अभिभावकों को भी इस पहल से जोड़ते हुए संस्थान का प्रयास है कि वे अपने बच्चों की प्रतिभा को पहचानें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। संस्थान का मानना है कि यदि किसी छात्र में योग्यता और लगन है, तो उसे उचित मंच और अवसर मिलना चाहिए।
Jain University
Ravi Bhusan - Uttar Pradesh State Head
Ujjwal Narayan - Assistant Manager

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