हनुमान जी शिव के अवतार और श्रीराम के परम भक्त हैं : महंत विशाल गौड़

हनुमान जी शिव के 11th अवतार और श्रीराम के परम भक्त हैं
आज 2 अप्रैल को हनुमान जयंती (हनुमान जन्मोत्सव) मनाई जाएगी। चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि होने के कारण इस दिन बजरंगबली का जन्मोत्सव पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह जानकारी देते हुए चौक कोतवालेश्वर महादेव मंदिर के महंत विशाल गौड़ ने बताया कि इस दिन विशेष पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ और मंदिरों में चोला चढ़ाने की परंपरा है। इस दिन भगवान हनुमान का जन्मदिवस मनाया जाता है, जिसे भारत में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है और भक्त बजरंगबली की विशेष पूजा अर्चना करते है। हनुमान भक्त व्रत रखते हैं, विशेष पूजा करते हैं और हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। सुबह स्नान कर हनुमान मंदिर में सिंदूर, चोला और चमेली का तेल अर्पित किया जाता है। भोग में बूंदी के लडडू या गुड़-चना का भोग लगाया जाता है साथ ही हनुमते नम:Ó का जाप करे व हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या हनुमान बाहुक का पाठ करें। इस दिन पूरे देश में हनुमान मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ेगा। लोग हनुमान चालीसा, मंत्र जाप और पूजा विधि के अनुसार भगवान हनुमान की आराधना करेंगे। ऐसा कहा जाता है कि सही समय और विधि से पूजा करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और भक्तों के जीवन में सुख, शांति और सफलता आती है हनुमान जयंती 2026 की पूजा विधि हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करना और साफ-सुथरे वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर या मंदिर में हनुमान जी की प्रतिमा या चित्र स्थापित कर पूजा आरंभ की जाती है। पूजा के दौरान सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और तुलसी अर्पित करना शुभ होता है। भोग में आमतौर पर बेसन के लडडू या गुड़-चना चढ़ाया जाता है। पूजा के अंत में दीपक जलाकर आरती की जाती है, इसके बाद हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए। इस तरह से भक्त हनुमान जी के आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और जीवन में सुख, शांति और सुरक्षा की कामना करते हैं। इस दिन विशेष रूप से ध्रुव योग बन रहा है और सूर्य, शनि, शुक्र मीन राशि में रहेंगे, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। महंत ने बताया बजरंगबली को प्रसन्न करने का रामबाण उपाय है उनकी पूजा अर्चना करना। हनुमान जी शिव के ११ वें अवतार और श्रीराम के परम भक्त हैं। हनुमान जयंती पर मंगल बनाएंगे ये दुर्लभ संयोग-2 अप्रैल को हनुमान जयंती का पर्व का पर्व मनाया जाएगा. ज्योतिष के अनुसार, ग्रहों की स्थिति बदलने से जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। मंगलवार को हनुमान जी का जन्म हुआ था इसी वजह से हर मंगलवार हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है. इसके अलावा शनिवार भी हनुमान जी को प्रिय है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था और इसलिए यह दिन भक्ति, शक्ति और संकट मोचन का प्रतीक माना जाता है। भक्त इस पावन दिन हनुमान चालीसा का पाठ, हनुमान मंत्र का जाप और पूजा विधि के अनुसार भगवान की आराधना करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार हनुमान जयंती पर सही मुहूर्त पर पूजा करने से हनुमान जी प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद मिलता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर साल हनुमान जयंती चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व-महंत विशाल गौड़ ने कहा कि हनुमान जयंती भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। यह दिन भक्ति, शक्ति और संकट मोचन का प्रतीक माना जाता है। हनुमान जी को भगवान राम के परम भक्त और अद्भुत शक्ति संपन्न देवता के रूप में पूजा जाता है। इस पावन दिन पूजा और भजन-कीर्तन करने से भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शांति, स्वास्थ्य, शक्ति और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति मिलती है। Mahant Vishal Gawr Sri Kotvaleshver Mahadev Mander Chawk Lucknow

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