लखनऊ में इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ ने खोला अपना पहला स्टोर ‘Sarees of India’
नवाबी नज़ाकत के शहर लखनऊ में इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ नेखोला अपना पहला स्टोर, पेश किया ‘Sarees of India’
Lucknow: पूर्वी भारत के पिछले पाँच दशकों सेसबसे भरोसेमंद साड़ी ब्रांड इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ने लखनऊ में अपना पहलास्टोर खोल दिया है। यह कंपनी का देशभर में 61वाँ स्टोर है। इसलॉन्च के साथ उत्तर प्रदेश में ब्रांड की मौजूदगी और मजबूत हुई है, क्योंकि कंपनी भारत में साड़ियों कासबसे बड़ा ब्रांडबनने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। अपनी समृद्ध विरासत और उत्कृष्ट कारीगरीके लिए पहचानी जाने वाली इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़लखनऊ में ‘Sarees of India’ लेकर आई है, जिसमें देशभर के 60 से अधिक बुनाई क्लस्टरों से जुड़े 15,000 से ज्यादा कारीगरों के काम को प्रदर्शितकिया गया है। लखनऊमें अपने आगमन को खास बनाने के लिए इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़ ने दो विशेष कलेक्शन—‘Weaves of India’ और ‘Weddings of India’—लॉन्च किए हैं। येक्यूरेटेड रेंज भारत की समृद्ध बुनाई परंपरा को दर्शाती हैं, जिनमें प्रामाणिक हैंडलूम बनारसी, कांजीवरम, उप्पाडा, तंचोई, बालूचरी, जामदानी, गड़वाल, टिश्यू, ऑर्गेंज़ा, जॉर्जेट और शुद्ध रेशम की साड़ियाँशामिल हैं। इन साड़ियों को पारंपरिक और आधुनिक रंगों में पेश किया गया है। इसकलेक्शन में रोज़मर्रा की सुरुचिपूर्ण साड़ियाँ, उत्सवके लिए खास डिज़ाइन और दुल्हन के लिए रेशमी साड़ियाँ शामिल हैं, जिन्हें शहर की सुसंस्कृत पसंद को ध्यानमें रखकर चुना गया है। लॉन्च के मौके पर ब्रांड 17 जनवरी2026 तक सीमित अवधि के लिएसभी कलेक्शनों पर फ्लैट 10 प्रतिशत की विशेष छूटदे रहा है। लॉन्चपर बात करते हुए इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़के सीईओ, श्रीदर्शन दूधोरिया ने कहा, “लखनऊ का भारत कीसांस्कृतिक और वस्त्र परंपरा में हमेशा से एक खास स्थान रहा है। शिल्प, नज़ाकत और प्रामाणिकता के प्रति शहर कीसराहना इंडियन सिल्क हाउस एजेंसीज़के मूल मूल्यों से पूरी तरह मेल खाती है। लखनऊका हमारा स्टोर उत्तर भारत में हमारे दीर्घकालिक विस्तार की दिशा में एक अहम कदमहै, क्योंकि हम एक सच्चे राष्ट्रीय साड़ी ब्रांडका निर्माण कर रहे हैं। एक प्रमुख रिटेल हब के रूप में आलमबाग की पहचान इसे हमारेइस दृष्टिकोण को शहर तक पहुँचाने के लिए आदर्श स्थान बनाती है, जिसके तहत हम क्षेत्रीय कारीगरी से बनीप्रामाणिक साड़ियों को अधिक से अधिक लोगों तक सुलभ बनाना चाहते हैं।”

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