मरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी पंजाब में वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के सहयोग से कौशल उन्मुख कार्यक्रम

लखनऊ: लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी पंजाब भारत में अपनी तरह की पहलीस्किल यूनिवर्सिटी है, जिसे आईबीएम ने एंकर पार्टनर, टाटा टेक्नोलॉजीज और एनसिस नेइंडस्ट्री पार्टनर के रूप में स्थापित किया है। विश्वविद्यालय पंजाब के राज्य अधिनियम संख्या 22 2021 के तहत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है और यूजीसी, नई दिल्ली द्वारामान्यता प्राप्त है। एलटीएसयू 100 एकड़ के विशाल परिसर में रोपड़ के पास सतलुज नदीके तट पर शिवालिक रेंज की तलहटी में स्थित है।
विश्वविद्यालय का उद्देश्य भारत को कौशल आधारित कार्यबल में वैश्विक पहचान बनाना, वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के साथ मिलकर विभिन्न कार्यक्रम तैयार करना, प्रमुख उद्योग विशेषज्ञों, अभ्यासकर्ताओं और शिक्षाविदों द्वारा निर्देशित पाठ्यक्रम तैयार करना और छात्रों को कौशल आधारित पाठ्यक्रमों में प्रशिक्षण के माध्यमसे तैयार करके उद्योगों के लिए तैयार करना है । इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी पंजाब ने आईबीएम ( IBM ) के साथ मिलकर कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में बी.टेक, एनसिस ( Ansys ) के सहयोग से डिजाइन और विनिर्माण में विशेषज्ञता के साथ बी.टेक मैकेनिकल इंजीनियरिंग में नौकरी उन्मुख कौशल कार्यक्रम सफलतापूर्वक शुरू किया है। यूनिवर्सिटी ने लॉजिस्टिक्स स्किल सेक्टर काउन्सिल के साथ बीबीए (लॉजिस्टिक्स), एचटीएमआई ( HTMI ) के साथ होटल मैनेजमेंट कोर्स और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट्स के साथ एमबीए (रियलएस्टेट) भी शुरू किआ है । इन 4 वर्षीय बी.टेक पाठ्यक्रमों की विशिष्टता इस प्रकार है: प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण (पीबीएल) और इसकी कार्यक्रम संरचना (2.5 वर्ष + 0.5 वर्ष + 1 वर्ष) के माध्यम से लाइव प्रोजेक्ट्स और उच्च प्रौद्योगिकियों का अध्ययन करेंगे। 2.5 साल के बाद छठे सेमेस्टर में कम्पनीज से लाइव प्रोजेक्ट और एक साल कम्पनीज में इंटर्नशिप करेंगे जिसमे वो स्टिपेन्ड भी कमाएंगे। एलटीएसयू द्वारा शुरू किए गए अन्य सभी कार्यक्रम युवाओं को अपने पेशेवर जुनून को पूरा करने और व्यापक श्रेणी के सभी कार्यक्रमों में उच्चतम स्तर की उत्कृष्टता और मानक के साथ वैश्विक दुनिया में सफलता हासिल करने के लिए सशक्त बनाएंगे। इस अवसर पर बोलते हुए, लैमरिन टेक स्किल्स यूनिवर्सिटी, पंजाब के चांसलर डॉ. संदीप सिंह कौरा ने कहा कि उद्योग-अकादमिक साझेदारी में इन सहयोगों के परिणामस्वरूप एक शिक्षण बनेगा जो INDUSTRY4.0 के लिए माननीय प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण के अनुरूप है। भारत के युवाओंको वैश्विक स्तर के कौशल को निखारने और उन्हें घरेलू और विदेशी बाजार में रोजगार के योग्य बनाने के लिए एक मंच प्रदान करके भारत को विश्व की कौशल राजधानी के रूप में स्थापित करेगा। डॉ कौरा ने आगे बताया कि यूनिवर्सिटी का पूरा फोकस व्यावहारिक शिक्षा और उद्योग में नौकरी की तैनाती पर है। डॉ. कौरा ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि न्यूनतम 70% अंक वाले मेधावी छात्र आईबीएम कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पात्र होंगे, जबकि न्यूनतम 60% अंक वाले अन्य पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए पात्रता मानदंड हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यूनिवर्सिटी की फीस मेधावी और विनम्र पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए बाधा न बने। हमने छात्रों की फाइनेंसियल मदद आसानी से पूरा करने के लिए ( Collateral Free ) संपार्श्विक ( बिना किसी भी गॉरन्टी के ) फाइनेंस लोन के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) के साथ समझौता किया है। यूनिवर्सिटी का अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ बुनियादी ढांचा तैयार है। विश्वविद्यालय इस वर्ष सभी पाठ्यक्रमों को मिलाकर छह हजार छात्रों को प्रवेश देने का लक्ष्य बना रहा है। इससे युवा छात्रों को अपने सपनोंको पूरा करने और उज्ज्वल करियर के लिए इच्छित पाठ्यक्रम चुनने का वरदान मिलेगा।विश्वविद्यालय की प्रवेश क्षमता के बारे में बताते हुए डॉ. कौरा ने कहा कि विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता केंद्र (COE - सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस ) के विभिन्न कार्यक्रमों के तहत 1360 सीटें हैं, विशिष्ट प्रशिक्षण केंद्र (under Centre of Specialized Training (CoST) ) के तहत 3500 सीटों और सरकाइ के सेंटर ऑफ वोकेशनल ट्रेनिंग (सीओवीटी) के तहत वित्त पोषित 4000 सीटों और लर्न एंड अर्न के तहत 1000 सीटों उपलब्ध है। श्री संजीव मेहता, Advisor & Head- Program development IBM , पहली बार किसी भी भारतीय विश्वविद्यालय ने IBM के साथ मिलकर अगली पीढ़ी को प्रशिक्षित करने के लिए Industry द्वारा बनाए गए विश्व स्तरीय कौशल कार्यक्रम की शुरुआत की है । कार्यक्रम की विशिष्ट गुणवत्ता उभरती प्रौद्योगिकियों की सर्वोत्तम समझ है प्रोग्राम को सबसे अलग बनता है । पाठ्यक्रम की अवधि के दौरान आईबीएम ( IBM ) इंडस्ट्री के प्रोफेशनलस प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट्स में छात्रों का सहयोग करेंगे और उन्हें रियल इंडस्ट्री का एक्सपोज़र पढाई के साथ-साथ मिलगा । भारत ही नहीं दुनिया भर में सबसे अधिक नौकरियों के अवसर इन सभी कोर्सेज में है - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग (एआई और एमएल), डेटा साइंस, साइबरसिक्योरिटी और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) हैं और 2027 तक इन हाई-एंड प्रौद्योगिकियों में 15 लाख नौकरियों का अनुमान है। एलटीएसयू के रजिस्ट्रार प्रोफेसर बीएस सत्याल ने एनएसडीसी राष्ट्रीयकौशल विकास निगम के साथ एलटीएसयू के सहयोग के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंनेआगे कहा कि हमारे एनरोलमेंट पार्टनर EFOS.in की मदद से आईबीएम द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा के लिए बी.टेक सीएसई के लिए,भारत के 27 राज्यों से कई हज़ार उम्मीदवार पहले ही आवेदन कर चुके हैं। EFOS.in के संस्थापक श्री सचिन जैन ने सम्मेलन में यह भी उल्लेख किया कि 15+ राज्यों के 300+ चयनित उम्मीदवारों ने यूनिवर्सिटी परिसर में जाकर बिना किसी गारंटी के 4-5 घंटे की प्रक्रिया के अंदर प्रवेश पत्र और लोन को स्वीकृत किया है। इस प्रोग्राम के लिए केवल मेधावी उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाता है और उसके बाद उन्हें आईबीएम द्वारा आयोजित एक प्रवेश परीक्षा से गुजरना पड़ता है और योग्यता के आधार पर उन्हें इस कार्यक्रम में प्रवेश का अवसर दिया जाता है।

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