पैगाम कार्यक्रम में प्रकृतिक संरक्षण का संदेश दिया

लखनऊ। पैगाम कार्यक्रम का समापन 19 नवम्बर को लोहिया पार्क के रंगमंच पर संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत प्रकृति की वर्तमान स्थिति के उदघोषण से हुई। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति राजीव सिंह उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ का स्वागत हुआ। पैग़ाम 22 कार्यक्रम वी फाउंडेशन एवं विजन ग्रुप द्वारा अयोजित कार्यक्रम में कोरोना काल में मृत लोगों को एक मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम में मॉडर्न गल्जऱ् कालेज, लखनऊ पब्लिक कालेज ऑफ प्रफ ़ेशनल स्टडीज़ एवं ईसाबेला थौबर्न गल्जऱ् कालेज द्वारा प्रकृति के विषय एवं उसके दिन प्रतिदिन दुरुपयोग जैसे मुददों पर नुक्कड़ नाटक द्वारा प्रकृति के इतिहास वर्तमान और भविष्य को दर्शाने की कोशिश की तथा समाज को समाज का आइना दिखाने का काम किय। सभी नाटकों को दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में अतिथि प्रस्तुति के रूप में नेत्र हीन बच्चों प्रतीक सैनी, अनुराग शुक्ला निखिल सिंह, आशीष यादव और मोहित बाल्मीकि ने से नो टू प्लास्टिक पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति दी और लोगों को पल्स्टिक का इस्तेमाल न करने के लिए जागरूक किया। पैग़ाम के विजेता पुरस्कार एसाबेला थाउबर्न गल्जऱ् कालेज उप विजेता प्रथम लखनऊ पब्लिक कालेज ओफ प्रफ़ शनल स्टडीज़ और उप विजेता तृतीय मॉडर्न गल्जऱ् कालेज को दिया गया। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति उच्च न्यायालय के एस राखरा न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल, वरिष्ठ अधिवक्ता आई बी सिंह, जे एन माथुर, अभिनव एन त्रिवेदी, डॉ अनिल रस्तोगी, पुनीत अस्थाना, आतम जीत सिंह अंशुमाली टंडन वरुण टम्टा, महेश चन्द्र देवा आदि लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी स्मृति शेष कमल मिश्र सम्मान प्रकृति पर बेहतरीन कार्य करने के लिए पूर्व पी पी एस अधिकारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह को उनके द्वारा बैल गाडी के माध्यम से बिजली बनाने की योजना जिसका नाम ‘नंदी उर्जा’ रखा गया है के लिए दिया गया। शैलेन्द्र विगत कई वर्षों से बुंदेलखंड में ज़मीन को उपजाऊ बनाने के लिए वहां के लोगों के बीच कार्य कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति माननीय राजीव सिंह जीउपस्थित रहे। प्रकृति के प्रति लोगों को जागरूक और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से पैग़ाम का अभियान चलाया गया एवं बच्चों को प्रकृति के लिए संवेदनशील बनाने का प्रयास किया गया साथ ही हर स्कूल में एक एक पेड़ भी प्रतिभागियों द्वारा लगाया गया। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अभियान के साथी देश दीपक सिंह एवं राघवेन्द्र राय ने बताया कि नुक्कड़ नाटक को प्रतियोगिता के रूप में समाज के बीच में ले जाने की वजह सिर्फ यही है की इससे बेहतर समाज के बीच में जागरूकता लाने का माध्यम नहीं हो सकता लेकिन वर्तमान समय में नुक्कड़ नाटक महज कुछ सरकारी योजनाओं के प्रचार का माध्यम मात्र रह गया है इसे विलुप्त होने से बचाने और समाज के प्रति युवा पीढ़ी को संवेदनशील बनाने का प्रयास है। वी फाउंडेशन संस्था से देशदीपक सिंह एवं विजन ग्रुप से राघवेन्द्र राय,मनीष राय एवं मनीष सिंह ने बताया कि हमारा उद्देश्य हमेशा से सामाजिक मुद्दों को सामज के बीच प्रमुखता से रखने और प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास को करने का रहा है |

Comments

Popular posts from this blog

फिल्म फेयर एंड फेमिना भोजपुरी आइकॉन्स रंगारंग कार्यक्रम

फीनिक्स पलासियो में 'एट' स्वाद के शौकीनों का नया रोचक डाइनिंग एक्सपीरियंस

कार्ल ज़ीस इंडिया ने उत्तर भारत में पहले अत्याधुनिक ज़ीस विज़न सेंटर का शुभारंभ