टीबी को खत्म करने की भारत सरकार की रणनीति को प्रभावी बनाने के लिए वाइटल स्ट्रैटेजीज़ ने जारी किए सार्वजनिक साक्षरता संसाधन

टीबी को खत्म करने की भारत सरकार की रणनीति को प्रभावी बनाने के लिए वाइटल स्ट्रैटेजीज़ ने जारी किए सार्वजनिक साक्षरता संसाधन दुनिया भर में टीबी से प्रभावित लोगों की सबसे बड़ी संख्या भारत में है। हर साल 26 लाख से अधिक भारतीय इस घातक बीमारी से प्रभावित होते हैं। तम्बाकू2 का सेवन भारत में टीबी की महामारी को और भी गंभीर बना रहा है। भारत में लगभग 14% टीबी रोगी तम्बाकू का सेवन करते हैं। मौत के इस प्रमुख कारण से निपटने में मदद के लिए, और टीबी और तंबाकू की समस्या से निपटने के लिए, एक मजबूत और बेहतर संचार और सार्वजनिक सूचना तंत्र विकसित करना बेहद महत्वपूर्ण है। विश्व टीबी दिवस के मौके पर, वाइटल स्ट्रैटजी ने टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए भारत सरकार के प्रयास में मदद करने के लिए दो नए संचार संसाधन जारी किए हैं। लॉन्च में दो नए पब्लिक एजुकेशन रिसोर्सेस शामिल हैं, "टीबी के बारे में पब्लिक सर्विस एनाउंसमेंट के लिए रिस्पॉन्स" - यह परीक्षण (message testing) किए जा चुके चार कैंपेन मैसेज के बारे में गहराई से जानकारी देता है, जिसे जब टीबी प्रोग्रामिंग में एकीकृत किया गया, तो इसने लक्षणों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, छुपाने की आदत और भेदभाव को कम करने, स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं के उपयोग में वृद्धि और उपचार पालन में सुधार सहित व्‍यवहार में बदलाव को प्रोत्‍साहित किया। विशेषरूप से अवधारणा पर आधारित, ‘कफ’ पहला ऐसा अभियान है जो टीबी और तम्‍बाकू के उपयोग के बीच संबंध को उजागर करता है और इसे टीबी रोकथाम एवं उपचार के लिए संभावित प्रभावी के रूप में उच्‍चतम रैंकिंग हासिल हुई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम और द इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरकुलोसिस एंड लंग डिसीस(द यूनियन) के सहयोग से लॉन्च की गई "टीबी को खत्म करने के लिए तम्बाकू पर रोक: कम्युनिकेशन टूलकिट", टीबी—तंबाकू पर सोशल शेयरिंग कैंपेन चलाने के लिए संसाधनों, क्रिएटिव और दिशानिर्देशों का एक व्यापक संग्रह है। यह सरकारी संस्थानों, प्रोग्राम मैनेजर्स, स्वास्थ्य कर्मियों, समुदायों, नागरिक समाज संगठनों और हेल्थ रिसोर्स एजेंसियों को प्रभावी ढंग से लक्षित समुदाय तक पहुंचने में मदद करने के लिए एक उपयोगी और आसान टूल है। इसके अलावा, टूलकिट पहले से टेस्ट किए गए पब्लिक सर्विस एनाउंसमेंट, 'कफ' को 17 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध कराती है। विकास शील संयुक्त सचिव (एनटीईपी एवं पॉलिसी), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, "1 जनवरी, 2020 को 'संशोधित राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम' का नाम बदलकर 'राष्ट्रीय टीबी रोग उन्मूलन कार्यक्रम' कर दिया गया है। यह बदलाव माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘2025 तक टीबी के खात्मे’ के संकल्प के तहत किया गया है। टीबी के खत्म करने का भारत सरकार का यह लक्ष्य वैश्विक लक्ष्य से पांच साल आगे है। मास मीडिया अभियान इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक प्रभावी उपकरण है, और अभियान यह सुनिश्चित कर सकता है कि एनटीईपी और अन्य कार्यक्रमों के बीच क्रॉस-लिंकेज को बढ़ाने में मदद करने के लिए प्रासंगिक संदेश सार्वजनिक डोमेन में है ताकि प्रभावी रूप से टीबी को नियंत्रित किया जा सके। मुझे यकीन है कि यह श्वेत पत्र टीबी आपातकाल को समाप्त करने के लिए व्यवहारिक परिवर्तन लाने में एक मजबूत संचार अभियान के रूप में काम करेगा। हम तम्बाकू उपयोग के कारण टीबी संक्रमण के बढ़ते जोखिम के बारे में जानकारी प्रसारित करने में मदद के लिए कम्युनिकेशन टूलकिट को पेश करने के लिए वाइटल स्ट्रैटजी और द इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरकुलोसिस एंड लंग्स डिजीज़ को बधाई देते हैं। डॉ. नंदिता मुरुकुटला, वाइस प्रेसिडेंट, वाइटल स्ट्रैटेजीज़ ने कहा, “हम भारत में मौत के एक प्रमुख कारण टीबी को खत्म करने के प्रयासों में मदद करते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं। टीबी की जानकारी पर मीडिया संदेशों के प्रभाव का आकलन करने वाला हमारा नया शोध अपनी तरह का पहला प्रयास है। यह अधिक कुशल और प्रभावी कैंपेन को बढ़ावा देगा जो लोगों को टीबी का उपचार कराने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसके साथ ही कॉम्प्लीमेंट्री रिसोर्सेस टीबी के प्रभाव को कम करने के लिए भारत सरकार के प्रयासों और नीतियों को मजबूती प्रदान करेंगे। हम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, यूनियन और टाटा मेमोरियल अस्पताल मुंबई के साथ साझेदारी करके बेहद खुश हैं, और तम्बाकू एवं टीबी महामारी को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में पब्लिक एजुकेशन कैंपेन को प्रोत्साहित करने के उनके प्रयासों की सराहना करते हैं।" आज से, वाइटल स्ट्रैटेजीज़ भारत भर में 17 भाषाओं में चार हफ्तों के लिए फेसबुक, यूट्यूब, हॉटस्टार और वूट जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफार्मों पर पीएसए, ’कफ’का प्रसारण कर रहा है। डॉ. पंकज चतुर्वेदी, प्रोफेसर एवं सर्जन, डिपार्टमेंट ऑफ हेड नेक सर्जरी, टाटा मेमोरियल सेंटर, ने कहा, '' भारत में, तंबाकू हर साल 10 लाख से अधिक लोगों की जान लेता है, यह देश में हुई कुल सभी मौतों का 9.5% हिस्सा है। तम्बाकू के खतरे से निपटने के लिए जनसंचार माध्यमों का प्रयोग करना एक प्रभावी रणनीतिक कदम है। मैं इन संचार सामग्रियों के सफल लॉन्च और डिजिटल मीडिया पर "कफ" कैंपेन को सफलतापूर्वक लॉन्च करने के लिए वाइटल स्ट्रैटेजीज को बधाई देता हूं। हम किसी भी रूप में तंबाकू के उपयोग के घातक नुकसान के खिलाफ चेतावनी को बढ़ाने के लिए एक प्रशंसापत्र प्रदान कर वाइटल स्ट्रैटेजीज के साथ सहयोग करने पर बेहद खुश हैं। डॉ. राणा जे सिंह, उप-क्षेत्रीय निदेशक, द यूनियन साउथ-ईस्ट एशिया ने कहा, "कई अध्ययनों से पता चलता है कि तंबाकू का सेवन टीबी संक्रमण और टीबी रोग के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम है। पॉलिसी, कार्यान्वयन और रिपोर्टिंग स्तरों पर टीबी नियंत्रण कार्यक्रमों में तंबाकू नियंत्रण रणनीतियों को एकीकृत करने की तत्काल आवश्यकता है। हम आशा करते हैं कि तम्बाकू उपयोग और टीबी जैसी दोहरी महामारी पर एक साथ ध्यान देने के लिए एक सफल कैंपेन चलाने के लिए कम्युनिकेशन टूलकिट एक उपयोगी संसाधन होगा।

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