रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल किडनी, यूरोलॉजी की आउटरीच ओपीडी रायबरेली में

 हर महीने के पहले और तीसरे शुक्रवार को  10 AM से 2 PM तक आउटडोर ओपीडी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। 

- इस कदम को तब उठाया गया जब पता चला कि रायबरेली में कोई भी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल नहीं है ।

- इस पहल का लक्ष्य है कि गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट और यूरोलोजिस्ट के कंसल्टेशन द्वारा हाई-एंड क्लिनिकल डायगनोसिस की सुविधा प्रदान की जाए।

 

4 सितंबर रायबरेली : रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने 4 सितम्बर को सिमहैंस हॉस्पिटल, रायबरेली के साथ मिलकर आउटरीच ओपीडी को लांच किया जिसमे एक्सपर्ट्स गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, किडनी और युरोलोजी की समस्या से जूझ रहे मरीजों का ट्रीटमेंट और परामर्श करेंगे । इस ओपीडी का लक्ष्य है कि गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट, किडनी और यूरोलोजिस्ट की हाई-एंड क्लिनिकल डायगनोसिस की सुविधा प्रदान की जाए क्योंकि रायबरेली में कोई भी सुपर-स्पेशलिटी हॉस्पिटल की सुविधा नहीं है । रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के अनुभवी गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ प्रवीण झा, एमडी, डीएम, सलाहकार, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी; डॉ प्रदीप जोशी, एमएस, एमसीएच, वरिष्ठ सलाहकार, जीआई सर्जरी विभाग, जीआई ऑन्कोलॉजी, मिनिमल एक्सेस और बेरिएट्रिक सर्जरी और यूरोलॉजिस्ट डॉ राजीव कुमार, एमएस, एमसीएच, सलाहकार, यूरोलॉजी, रीनल ट्रांसप्लान्टेशन ने यह आउटरीच ओपीडी रायबरेली जिले में लोगों जरूरतों को पूरा करने के लिए लांच किया जिसको हर महीने पहले और तीसरे शुक्रवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक खोला जायेगा।  अभी तक हॉस्पिटल ने कई मरीजों का इलाज किया है, जिसमें से काफी मरीज रायबरेली से थे। आउटरीच ओपीडी गैस्ट्रो, किडनी और यूरोलॉजिकल समस्या वाले मरीजों के लिए वरदान साबित हुआ है। सिमहैंस हॉस्पिटल हेल्थकेयर फैसिलिटी के लिए सभी कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है।

 रीजेंसी हॉस्पिटल की स्थापना 1995 में इस उद्देश्य से हुई थी की हाई-क्वालिटी मेडिकल सर्विस की डिमांड और उन्ही सर्विस की उपलब्धता के बीच के अंतर को भरा जा सके । 25 साल की अवधि में हॉस्पिटल ने lucknow  और कानपुर के आसपास के शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रदान करके एक अलग पहचान स्थापित करने में सक्षम हुआ है। रीजेंसी सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के डॉ प्रदीप जोशी, एमएस एम.सीएच (जी.आई. सर्जरी), वरिष्ठ सलाहकार ने कहा, "हमारा लक्ष्य है अगले 5 वर्षों में उत्तर प्रदेश राज्य में सबसे बड़ा हेल्थकेयर प्लेयर बनना । अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ और डेडिकेटेड गैस्ट्रो और यूरो ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू के द्वारा कई मरीजों का इलाज किया गया है, इस सर्विस का 100% सक्सेस रेट था । इनमे से कई केस केवल मध्य उत्तर प्रदेश से थे। यूपी के अन्य हिस्सों से आए मरीजों के महत्व को समझते हुए, सिमहैंस हॉस्पिटल ने आउटरीच ओपीडी सेंटर की सर्विस लाने के लिए नेक कदम उठाया है। रायबरेली के मरीज अब महीने में पहले और तीसरे शुक्रवार को इस ओपीडी का फायदा उठा पाएंगे। यह उन मरीजों के जीवन को आसान बना देगा क्योंकि रायबरेली में ही अपने क्षेत्र में ही परामर्श और फालो अप्स की सुविधा पा सकते है।"

 

गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टरों द्वारा बतायी जाने वाली कुछ कॉमन समस्याएं एसिड रिफ्लक्स, पेट में अल्सर, फूला हुआ पेट, फ़ूड पोइजनिंग और इरिटेबल बोवेल सिंड्रोम होती है।  हमेशा किसी भी पाचन समस्याओं के त्वरित ट्रीटमेंट के लिए सर्वश्रेष्ठ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डॉक्टरों से कंसल्ट करना चाहिए। जबकि, यूरोलॉजिकल मेडिकल और सर्जिकल एक्सपर्ट्स पुरुषों और महिलाओं के मूत्र पथ पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और पुरुष प्रजनन प्रणाली(मेल रिप्रोडक्टिव सिस्टम), मूत्र संक्रमण (यूरिनरी इन्फेक्शन) और यूरिनल ब्युमिंग से संबंधित डिसऑर्डर पर भी फोकस कर रहें हैं।

 

लांच की गयी नई ओपीडी सर्विस के बारें में डॉ प्रवीण और डॉ राजीव ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी मरीजों को हमारे आउटरीच ओपीडी के माध्यम से एक उपयुक्त मेडिकल सर्विस प्रदान की जाए। सिमहैंस हॉस्पिटल कोविड-19 के सभी दिशानिर्देशों का पालन कर रहा है और हम सभी गैस्ट्रो और यूरोलॉजिकल बीमारियों से पीड़ित मरीजों से आग्रह करते हैं अपने स्वास्थ्य की जांच करवाएं। हमें यकीन है इस सर्विस के लॉन्च होने से हमारे अधिकांश मरीजों का उनके मेडिकल ट्रीटमेंट में कोई रुकावट नहीं आयेगी और हमारे सभी वरिष्ठ सलाहकार इस वन-ऑन-वन इंटरफेस के मध्यम से उपलब्ध रहेंगे। कोविड-19 ने एक नई मुसीबत पैदा कर दी है और हम मरीजों की आशाओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए नए-नए उपाय खोज रहें हैं। हमारी सभी सर्विस जारी हैं और हमारा इमरजेंसी डिपार्टमेंट त्वरित मेडीकल देने के लिए 24 घंटे खुला रहता है।”



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