पिन से भी छोटे छेद द्वारा यूपी की पहली ‘कीहोल’ हार्ट सर्जरी
बिना छाती की हड्डी काटे छोटे से चीरे द्वारा चार वर्ष के बच्चे के दिल के छेद की जटिल सर्जरी कर अपोलो हॉस्पिटल लखनऊ ने रचा नया कीर्तिमान - मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी तकनीक से सर्जरी के बाद दो दिन में ही मिली हॉस्पिटल से छुट्टी लखनऊ. राजधानी स्थित अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में एक चार वर्षीय छोटे बच्चे की जटिल हार्ट सर्जरी नई तकनीक से सफलतापूर्वक पूरी कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यह उत्तर प्रदेश में पहली बार हुआ, जब इतने छोटे बच्चे के दिल के छेद को ‘कीहोल’ तकनीक यानी बेहद छोटे चीरे के माध्यम से बंद किया गया। बच्चे को लंबे समय से फेफड़ों में बार बार संक्रमण हो रहा था और उसे सांस लेने में भी परेशानी रहती थी। जांच में पता चला कि उसके दिल में छेद है। आमतौर पर ऐसी स्थिति में पारंपरिक ओपन हार्ट सर्जरी की जाती है, जिसमें सीने में सामने की तरफ बड़ा चीरा (लगभग 15 से मी का) लगाया जाता है और मरीज को सर्जरी के बाद कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ता है। अपोलोमेडिक्स में इस जटिल सर्जरी को अत्याधुनिक ‘मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी’ तकनीक से किया गया। इसमें बच्चे के क...