अक्षय तृतीया पर दान और धातुओं की खरीद का विशेष महत्व है
हुजै़फा अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्मदिन माना° अक्षत तृतीया पर दान-पुण्य करने से अक्षय फल प्राप्त होता है। कभी न क्षय होने वाला (अक्षय) पुण्यदायी दिन माना जाता है। अक्षय तृतीया १९ अप्रैल 202६ को है, सुबह स्नान कर विष्णु-लक्ष्मी की पूजा करें, पीला फूल, भोग (सत्तू) अर्पित करें और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें। इस दिन सोना, चांदी, वाहन, या घर खरीदना अत्यंत शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को जल, अन्न, वस्त्र, या जौ का दान करें। नया काम शुरू करना या पितरों के लिए तर्पण करना भी उत्तम होता है। हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया को भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्मदिन माना जाता है। वैष्णव मंदिरों में उनकी पूजा की जाती है। जो लोग परशुराम के सम्मान में यह पर्व मनाते हैं, वे कभी-कभी इसे परशुराम जयंती भी कहते हैं। इसके अलावा कुछ लोग विष्णु के आठवें अवतार कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा समर्पित करते हैं। आखा तीज जिसे अक्षय तृतीया भी कहा जाता है, इस दिन शुभ कार्य करने तथा दान-पुण्य करने से कभी न समाप्त होने वाला अक्षय फल प्राप्त होता है। इसलिए वैशाख महीने के शुक्ल पक्ष...